क्रान्तिकारी जय भीम
दोस्तों, आजकल हिन्दू हिन्दू हिन्दू हिन्दू , आप जिधर देखो उधर हिन्दू या हिन्दुस्थान येही नाम नजर आता है ! खासकर ये जातिवादी पार्टियों कि एक बड़ी पहचान है। मगर क्या है ये हिन्दू ? कौन है ये हिन्दू ? हिन्दू शब्द कहा से आया ? कौन से धर्म ग्रन्थ में है ये हिन्दू शब्द? इस हिन्दू शब्द से किसको फायदा है ? किसको नुक्सान है ? हिन्दू होने का सबूत क्या है ? ऐसे एक से एक सवाल कई बार उठाये गए है और इसका हमें जवाब मिलने के बजाय गालिया मिली। हमें आतंकवादी कहा गया! हमें पाकिस्तानी कहा गया। आई एस आई का एजेंट कहा गया। राष्ट्रद्रोही कहा गया। और गन्दी गन्दी गालिया मिली ! तो क्या जो माँ बहनो पे गालिया देता है, आतंकवादी कहता है, राष्ट्रद्रोही कहता है, पाकिस्तानी कहता है, आई एस आई का एजेंट कहता है, किसी ख़ास राजनैतिक पार्टी से सम्बन्ध रखता है वो हिन्दू है ?
जी नहीं वो हिन्दू नहीं है। हम आपको सीना तान के बता सकते है कि इस देश में हिन्दू कोई नहीं है। कैसे ? चलो बताते है.……
इस देश के 25 करोड़ से भी ज्यादा मुसलमान हिन्दू नहीं है। लगभग 2 करोड़ क्रिस्चियन हिन्दू नहीं है। लगभग 3 करोड़ सिख हिन्दू नहीं है। यानिकी इस देश कि 30 करोड़ कि आबादी हिन्दू नहीं है।
दलित/आदिवासी हिन्दू नहीं है। अगर दलित हिन्दू होते तो उनको वेद, पुराण, रामायण और अन्य धर्मग्रन्थ पढ़ने का अधिकार होता। उनको मंदिर में जाने का अधिकार होता। पंडित बनने का अधिकार होता। वही बात आदिवासियों के बारे में भी है अगर आदिवासी लोग हिन्दू होते तो उनको भी पुरे संस्कार होते, उनको भी पढने लिखने का अधिकार होता, उपनयन का अधिकार होता , लेकिन आदिवासियों को भी ये सब अधिकार नहीं थे। इसीलिए दलित और आदिवासी लोग भी हिन्दू नहीं है। दलित और आदिवासी लोगों कि जनसँख्या लगभग 30 करोड़ तक है। यानिकी लगभग 60 करोड़ आबादी हिन्दू नहीं है।
अब बात करते है पिछड़ी जाती कि यानि कि अन्य पिछड़ी जाती (Other Backward Castes) जैसे कि यादव, अहीर, भुजबल, वन्नियार, इनकी, जिनकी आबादी लगभग 30 करोड़ तक कि अनुमानित की गयी है। इनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है। मगर इस देश कि जातिवादी सरकार उनकी गिनती नहीं करना चाहती है, क्यों कि अगर पिछड़ी जाती के लोगों की गिनती की जाती है तो उनको उनकी कितनी संख्या है पता चल जाएगा और मेजोरिटी होने के बावजूद उनकी भागीदारी नौकरी, मीडिया, और अन्य क्षेत्रों में कम ही है, इसीलिए उनकी जनगणना से सरकार के खिलाफ विद्रोह हो सकता है। अगर OBC लोग हिन्दू होते तो उनको भी उपनयन का अधिकार मिलता, अगर वो हिन्दू होते तो उनका भी संस्कार होता, उनके लिए बनाये गए मंडल कमीशन के लिए विरोध ना होता, अगर वो हिन्दू होते तो कोई भी ब्राह्मण, क्षत्रिय या वैश्य उनकी लड़कियो से शादी करता, लेकिन नहीं करते। इसीलिए इस देश के 30 करोड़ लोग भी हिन्दू नहीं है। यानि की 30 + 60 =90 करोड़ हिन्दू नहीं है। सुनो दोस्तों, इस देश के 90 करोड़ लोग हिन्दू नहीं है!
चलो अब बात करते है शूद्रों कि, शुद्र जैसे कि मराठा, जाट, रेड्डी, पटेल, नायर ये लोग भी मनुस्मृति के अनुसार शूद्रों को भी कोई अधिकार नहीं थे। उनको भी भगवान् को पूजने का, उपनयन का या फिर उनके साथ ऊपर कि जाती के ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य कोई सम्बन्ध नहीं बनाते थे एहा तक कि उनके साथ खाना खाना भी पाप समझा जाता था। शुद्रो और औरतों को भगवद्गीता के 9 वे अध्याय और 32वी पंक्ति में पापयोनि (Evil) कहा गया है। इसीलिए ये शुद्र और ऊँची जाती कि औरते यानि कि ब्राह्मण क्षत्रिय, वैश्यों कि औरते भी हिन्दू नहीं है। शूद्रों को जनसँख्या करीब 20 करोड़ तक है। इसीलिए 90 + 20 =110 करोड़ लोग हिन्दू नहीं है। इस देश के 110 करोड़ लोग हिन्दू नहीं है।
भारत देश कि जनसँख्या करीब 125 करोड़ है। यानि कि 125-110=15 करोड़ लोग है वो ही हिन्दू है। इस देश के 15 करोड़ ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य ये लोग ही हिन्दू है।
मगर क्या ये 15 करोड़ लोग वाकई में हिन्दू है ? जी नहीं ! यूनिवर्सिटी ऑफ़ युताहा (University Of Utaha) के माइकल बमशाद के मुताबिक जो खुद को ऊँची जाती के मानते है वोह ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य इनका DNA मध्य एशिया के कास्पियन समंदर है वह के लोगों से 99.99% मिलता जुलता है। इसीलिए ये 15 करोड़ आबादी भी हिन्दू नहीं है।
हमने ये प्रमाणित किया कि इस देश में हिन्दू कोई नहीं है ! यही नहीं दोस्तों, हिन्दू या हिन्दुस्थान ये शब्द भारतीय संविधान के निर्माता भारतरत्न डॉ बाबासाहब आंबेडकर ने नहीं माना है। और भारतीय संविधान लिखते वक्त संविधान में हिन्दू ये शब्द नहीं डाला है। उन्होंने संविधान में इस देश का नाम इंडिया यानि कि भारत ऐसा लिखा है। हिन्दू या हिन्दूस्थान ये भारतीय संविधान के भी खिलाफ है। संविधान में बाबासाहब ने लिखा है कि, इंडिया यानि भारत एक संयुक्त राज्य होगा। उ उन्होंने जान बुझके India यानिकि भारत ऐसा इसलिए लिखा क्यों कि उनको पता था कि इस देश के कपटी शाशक (Rulerस) लोग इंडिया का ट्रांसलेशन हिन्दुस्थान करेंगे। इसीलिए बाबासाहब ने भारत ऐसा लिखा क्यों कि भारत 500 सालो से पूर्व से अस्तित्व में है। [Article 1(1) of the Indian Constitution : “India, that is Bharat, shall be a Union of States.”]
तो फिर ये हिन्दू क्या है ? हिन्दू, हिन्दुस्थान ये क्या बला है ?
दोस्तों, हिन्दू ये मुस्लमान, पर्शियन राजाओं ने जब भारत पर आक्रमण किया तब इस देश कि जनता को गुलाम बनाया। जिस अरबी आदमी कि मातृभाषा अरबी है उनको पूछा जाए कि हिन्दू का क्या मतलब है ? हिन्दू का मतलब अरबी और पर्शियन भाषा में गुलाम (Captives) ऐसा है। हिन्दू ये शब्द इस देश के किसी भी धार्मिक ग्रन्थ में, पुरानो में या स्मृतियों में नहीं पाया जाता है। जिनको ये ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य लोग हिन्दू कहते है उसका अस्सल नाम सनातन धर्म या वेदिक धर्म ऐसा है। ब्राह्मण बनिया और क्षत्रिय लोग खुदको और इस देश के सभी गैर मुसलमानो को हिन्दू इसलिए बोलती है ताकि उनका इस देश पर जो न्यायपालिका, मीडिया, सरकारी नौकरिया और अन्य क्षेत्रों में जो कब्ज़ा है वो बरकरार रखना है। हिन्दू कहने से और कहलवाने से दुश्मन दिखायी नहीं देता है, दुश्मन छुप जाता है और सम्भ्रम (Confusion) कि स्थिति बरकरार रहती है। येही सम्भ्रम कि स्थिति हजारो सालों से अभी तक बरकरार है!
