रविवार, 30 सितंबर 2018

देख तेरे आने से मौसम कितना खुशगवार हो गया, दिल तेरा तलबगार हो गया, जाने कैसे प्यार हो गया

मैं आपके प्यार में कुछ ऐसा कर जाऊंगा,
बनकर खुश्बू हवा में बिखर जाऊंगा,
भूलना चाहो तो सांसो को रोक लेना,
सांस लोगे तो दिल में उतर जाऊंगा।।

प्यार करने का हुनर हमें नहीं आता इसलिए,
प्यार की बाजी हम हार गए,
हमारी जिंदगी से उन्हें बहुत प्यार था,
शायद इसलिए वह हमें जिंदा ही मार गए।

किसी ने कहा प्यार अमृत है,
किसी ने कहा प्यार जहर है,
हम तो दोनों समझ कर पी गए अगर अमृत हुआ तो उम्र भर को प्यार मिलेगा,
अगर मर गए तो, तड़प तड़प कर जीना नहीं पड़ेगा।।

देख तेरे आने से मौसम कितना खुशगवार हो गया,
दिल तेरा तलबगार हो गया, जाने कैसे प्यार हो गया।।

जीना कोई मुश्किल तो नहीं बस थोड़ी सी वफा चाहिए,
हम जीने की तरह से जीने के लिए प्यार का सिला चाहिए।।

आवारा हवा का झोंका हूं आ निकला हूं पल दो पल के लिए,
तुम आज तो पत्थर बरसा लो कल रोओगे मुझ पागल के लिए।।

शायरी पसंद आने पर कृपया पोस्ट को लाइक और अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। रोजाना नई शायरी पढ़ने के लिए हमें फॉलो करें। अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

कभी प्यार से करें हमें इशारे, कोई कभी हम पर भी दिल अपना हारे

बात बात पर लोग रूठ जाते हैं,
हां तो उनसे अनजाने में छूट जाते हैं,
कहते हैं कि बड़ा नाजुक है प्यार का रिश्ता,
इसमें हंसते हंसते भी दिल टूट जाते हैं।।

प्यार में मौत से डरता कौन है,
प्यार हो जाता है करता कौन है,
आप जैसे प्यार पर दुनिया कुर्बान,
और आप पूछते हो कि हम पर मरता कौन हैं।।

बहुत तमन्ना थी प्यार में आशियाना बनाने की,
बना चुके तो लग गई नजर जमाने की,
उसी का कर्ज है जो आज है आंखों में आंसू,
सजा मिली है हमें मुस्कुराने की।।

कभी प्यार से करें हमें इशारे,
कोई कभी हम पर भी दिल अपना हारे।।

एक हसीन ख्वाब मिला,
वह भी 4 दिन के लिए,
बहुत देखे हैं हमने हौसले यहां यार के।।

आपके आने से खिल गया है आंगन,
आपके साथ झूम उठा है गगन,
आप हो इसलिए खुश है सारा चमन,
और आप से प्यार करने को हम लेंगे हजारो जन्म।।

शायरी पसंद आने पर कृपया पोस्ट को लाइक और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। रोज नई-नई शायरी पढ़ने के लिए कृपया हमें फॉलो करें। अपना कीमती समय हमें देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

माना कि मुमकिन नहीं तेरा...मेरा हो जाना, पर सुना है कि इस दुनिया में चमत्कार बहुत होते हैं।।

रूठी जो जिंदगी तो मना लेंगे हम,
मिले जो गम वो भी सह लेंगे हम,
बस आप रहना हमेशा साथ हमारे तो,
निकलते हुए आंसुओं में भी मुस्कुरा लेंगे हम।।

माना कि मुमकिन नहीं तेरा...मेरा हो जाना,
पर सुना है कि इस दुनिया में चमत्कार बहुत होते हैं।।

किसी मोड़ पर तेरा दीदार हो जाए,
काश तुझे मुझ पर ऐतबार हो जाए,
तेरी पलकें झुके और इकरार हो जाए,
काश तुझे भी मुझसे प्यार हो जाए।।

प्यार करना सीखा है..... नफरतों का कोई ठौर नहीं,
बस तू ही तू है इस दिल में दूसरा कोई और नहीं।।

रूला के जो मना ले वो सच्चा यार है,
और जो रुला के खुद आंसू बहाए वो सच्चा प्यार है।

आंखे खोलू तो चेहरा सामने तुम्हारा हो,
बंद करू तो सपना तुम्हारा हो,
मर जाओ तो भी कोई गम नहीं,
अगर कफन के बदले आंचल तुम्हारा हो!!!..

शायरी पसंद आने पर कृपया पोस्ट को लाइक करे। और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।हर रोज नई शायरी पढ़ने के लिए हमें फॉलो करें। अपना कीमती समय हमें देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

तुम्हारे प्यार का रोग नहीं जाता कसम ले लो, गले में डाल कर मैंने सैकड़ों ताबीज देखे हैं।

प्यार के समंदर में डूबना चाहते हैं,
प्यार में कुछ होते हैं तो कुछ बातें हैं,
प्यार तो एक गुलाब है जिसे सब तोड़ना चाहते हैं,
हम तो इस गुलाब को चुमना चाहते हैं।।

फूल बनकर मुस्कुराना जिंदगी,
मुस्कुराकर गम भुलाना जिंदगी,
जीत का कोई खुश हो तो क्या हुआ,
और कर खुशियां मनाना भी जिंदगी।।

तुम्हारे प्यार का रोग नहीं जाता कसम ले लो,
गले में डाल कर मैंने सैकड़ों ताबीज देखे हैं।

नजरों को तेरे प्यार से इंकार नहीं है,
अब मुझे किसी और का इंतजार नहीं है,
खामोश अगर हूं मैं तो ये वजूद है मेरा,
तुम ये न समझना कि तुमसे प्यार नहीं है।

बहुत दूर है तुम्हारे घर से हमारे घर का किनारा,
पर हम हवा के हर झोंके से पूछ लेते हैं क्या,
हाल है तुम्हारा।।

नींद सोती रहती है हमारे बिस्तर पे,
और हम टहलते रहते हैं तेरी यादों में।।

शायरी पसंद आने पर कृपया पोस्ट को लाइक करें। और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। रोज नई-नई शायरी पढ़ने के लिए कृपया हमें फॉलो करें। अपना कीमती समय हमें देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

तारे और इंसान में कोई फर्क नहीं होता, दोनों ही किसी की खुशी के लिए खुद को तोड़ लेते हैं।।

तारे और इंसान में कोई फर्क नहीं होता,
दोनों ही किसी की खुशी के लिए खुद को तोड़ लेते हैं।।

जख्म ऐसा दिया कोई दवा काम न आई,
आग ऐसी लगी कि पानी से भी भूल न पायी,
आज भी रोते हैं उनकी यादों में..
जिन्हें हमारी याद आज तक नहीं आईं।।

कैसे इस दिल से तुझे भुला दे हम
तेरे नाम की लय तो धड़के नहीं चलती है।।

वजह पूछ मत मेरे रोने की,
तेरी मुस्कुराहट पे खुशी के दो आंसू गिर गए।।

कितना खुशनुमा होगा मेरे इंतजार का मंजर भी,
जब ठुकराने वाले मुझे फिर से पाने के लिए आंसू बहाएंगे।।

मजबूरी क्या है उन्होंने बताई तो होती,
जुदाई की बात यू सुनाई नहीं होती,
कब्र की मिट्टी भी दे देते उन्हें,
मेरे मौत की ख्वाहिश तो जताई ना होती।।

शायरी पसंद आने पर कृपया पोस्ट को लाइक करें। और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। रोजाना नई शायरी पढ़ने के लिए कृपया हमें फॉलो करें। अपना कीमती समय हमें देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

आरजू थी कि तेरी बाहों में, दम निकले, लेकिन बेवफा तुम नहीं बदनसीब हम निकले।।

आरजू थी कि तेरी बाहों में, दम निकले,
लेकिन बेवफा तुम नहीं बदनसीब हम निकले।।

कभी किसी मुसाफिर से प्यार न करना,
उनका ठिकाना बहुत दूर होता है,
वो कभी बेवफा नहीं होते,
मगर उनका जाना जरूर होता है।।

वफा के नाम से वो अनजान थे!
किसी की बेवफाई से शायद परेशान थे!
हमने वफ़ा देनी चाही तो पता चला!
हम खुद बेवफा के नाम से बदनाम थे।।

वह हमसफ़र कैसे थे जो सफर छोड़ गए,
बिना कसूर प्यार का रिश्ता तोड़ गए,
वह कभी हमें याद करते नहीं,
और खुद की यादों में हमको तड़पता छोड़ गए।।

कर के वादा प्यार का वो मुकर गया,
एक छोटे से तूफान से वो कितना दूर चला गया,
हमें नहीं पता यह कैसी मजबूरी थी उनकी,
या फिर इस प्यारे खिलौने से दिल भर गया।।

शायरी पसंद आने पर कृपया पोस्ट को लाइक जरूर करें। अपने दोस्तों के साथ शेयर करें रोज नई-नई शायरी पढ़ने के लिए हमें फॉलो करें। अपना कीमती समय हमें देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

पत्थर की पूजा कर बैठे हम अनजान थे, तुम्हारी हर आदत और बेवफाई से नादान थे,

अब तो गम सहने की आदत सी हो गई है,
रात को छुप छुप के रोने की आदत सी हो गई है,
तू बेवफा है खेल मेरे दिल से जी भर के हमें तो, अब चोट खाने की आदत सी हो गई है।

सितारों को रोशनी की क्या जरूरत, ये तो खुद को जला लेते हैं, आशिकों को वफा की क्या जरूरत, वह तो बेवफा तो भी प्यार कर लेते हैं।।

दिल किसी से तब ही लगाना जब दिलों को पढ़ना सिख लो... वरना हसीन चेहरे तो एक ढूंढो लाखों मिलेंगे, पर हर एक में वफादारी की फितरत नहीं होती..

पत्थर की पूजा कर बैठे हम अनजान थे,
तुम्हारी हर आदत और बेवफाई से नादान थे,
तुम्हीं ने बना दिया हमें बेजान मूर्ति वरना हम भी पहले किसी महफिल की जानते थे।।

बेवफा वह नहीं शायद हम ही खराब थे,
जहर की जरूरत नहीं हम मर जाएंगे शराब से,
कांटो का दर्द तो हमें महसूस नहीं हुआ,
शायद बेपनाह प्यार था हमें उस नाजुक गुलाब से।।

शायरी पसंद आने पर कृपया पोस्ट को लाइक और अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। रोजाना नई नई शायरी पढ़ने के लिए कृपया हमें फॉलो करें। अपना कीमती समय हमें देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

6, 7, 8 और 9 तारीख से महासंयोग, इन 8 राशि के लोगों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी

1.मेष राशि, वृष राशि, कन्या राशि, कर्क राशि 6, 7, 8 और 9 तारीख से महासंयोग बन रहा है। जिसके कारण आपके जीवन में आपको अनेक प्रकार के बड़े बड़...