रविवार, 30 सितंबर 2018

तुम्हारे प्यार का रोग नहीं जाता कसम ले लो, गले में डाल कर मैंने सैकड़ों ताबीज देखे हैं।

प्यार के समंदर में डूबना चाहते हैं,
प्यार में कुछ होते हैं तो कुछ बातें हैं,
प्यार तो एक गुलाब है जिसे सब तोड़ना चाहते हैं,
हम तो इस गुलाब को चुमना चाहते हैं।।

फूल बनकर मुस्कुराना जिंदगी,
मुस्कुराकर गम भुलाना जिंदगी,
जीत का कोई खुश हो तो क्या हुआ,
और कर खुशियां मनाना भी जिंदगी।।

तुम्हारे प्यार का रोग नहीं जाता कसम ले लो,
गले में डाल कर मैंने सैकड़ों ताबीज देखे हैं।

नजरों को तेरे प्यार से इंकार नहीं है,
अब मुझे किसी और का इंतजार नहीं है,
खामोश अगर हूं मैं तो ये वजूद है मेरा,
तुम ये न समझना कि तुमसे प्यार नहीं है।

बहुत दूर है तुम्हारे घर से हमारे घर का किनारा,
पर हम हवा के हर झोंके से पूछ लेते हैं क्या,
हाल है तुम्हारा।।

नींद सोती रहती है हमारे बिस्तर पे,
और हम टहलते रहते हैं तेरी यादों में।।

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