कितनी मोहब्बत है उनसे,
शायद वो समझ ना सके,
या हम से समझाया ना गया,
उन्होंने करीब आने की कोशिश ना की,
और हमसे दूर जाया न गया।।
अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे,
हर ख्वाब में बुलाया है तुझे,
क्यों ना करे याद तुझ को,
जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे।।
तय करना था एक लंबा सफर पर,
कोई हमसफ़र नहीं था,
मुझपे आते जाते मौसम का कोई असर नहीं था,
क्या खूब मिली थी उनसे मेरी नजर किसी रोज,
अब ना मिले वो एक पल भी तो हम को सब्र नहीं था।।
यूं ही हमसे बातें किया करो कि दिल खुश हो जाए,
यूं ही हमसे बातें किया करो कि दिल खुश हो जाए,
बातों बातों में जुम्मे दिया करो कि हम फिर गम भूल जाएं।।
न जाने क्यों यह दिल इतना नादान बेवफा के लिए रोता है,
अश्क बहता है आंखों से लव खामोश है।।
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