मंगलवार, 2 अक्टूबर 2018

अगर मुझसे मोहब्बत नहीं तो रोते क्यों, तन्हाई में मेरे बारे में सोचते क्यों हो

अगर मुझसे मोहब्बत नहीं तो रोते क्यों,
तन्हाई में मेरे बारे में सोचते क्यों हो,
अगर मंजिल जुदा ही है तो जाने दो मुझे,
लौट के कब आओगे पूछते क्यों हो।

ऐसा भी क्या जीना मेरा कि पल-पल तड़पता हूं,
मैं किसी की याद में किसी के इंतजार में,
रोज जीता रोज मरता हूं।।

कदम कदम पर बहारों ने साथ छोड़ दिया,
पड़ा जब वक्त तो अपनों ने साथ छोड़ दिया,
कसम खाई थी इन सितारों ने साथ देने की,
सुबह होते ही सितारों ने भी साथ छोड़ दिया।।

कोई रास्ता नहीं दुआ के सिवा,
कोई सुनता नहीं खुदा के सिवा,
मैंने भी जिंदगी को करीब से देखा है दोस्तों,
मुश्किल में कोई साथ नहीं देता आंसू के सिवा।।

चाहा था हमने जिसे उसे भुलाया ना गया,
जख्म दिल के लोगों से छुपाया न गया,
बेवफाई के बाद भी इतना प्यार करते हैं कि,
बेवफाई का इल्जाम भी उस पर लगाया न गया।।

जब भी उनकी गली से गुजरता हूं,
मेरी आंखें एक दस्तक दे देती है,
दुख ये नहीं वो दरवाजा बंद कर देते हैं,
खुशी ये है वो मुझे अभी पहचान लेते हैं।।

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