जमाने के डर से उसकी तस्वीर टॉयलेट में छुपा कर रखी है, जमाने से उसकी तस्वीर टॉयलेट में छुपा कर रखी है, दीदार हो उसका बार-बार इसलिए जुलाब की गोली खा रखी है।
जो सागर ने कहा लहरों से, जो पेड़ ने कहा पत्थरों से,
जो फूलों ने कहा कलियों से, वही तुमसे कहता हूं,
ए चल हवा आने दे।।
ताज महल क्या चीज है इससे बड़ी इमारत बनाऊंगा,
ताज महल क्या चीज है इससे बड़ी इमारत बनाऊंगा,
मुमताज तोमर के दफन हुई थी,
तुझे तो मैं जिंदा दफनाऊँगा।।
तुमको देखा तो यह ख्याल आया,
तुमको देखा तो यह ख्याल आया,
पागलों के स्टाक में नया साल आया।।
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