शुक्रवार, 5 अक्टूबर 2018

मैं तुम्हारे लिए सब कुछ करता मगर मुझे काम था, मैं तुम्हारे लिए डूब के मरता मगर मुझे जुखाम था

प्रेम तो हमें भी करना था, प्रभात खास कुछ नहीं हुई,
ताजमहल तो हमें भी बनवाना था,
पर लोन पास नहीं कोई।।

फोन मत किया करो डियर, मां होती है नियर,
पापा से लगता है फीयर, बात भी होती नहीं क्लियर,
इसलिए एसएमएस करो डियर, विदाउट एनी फीयर एंड वेरी क्लियर।।

मंजिल की तरफ बढ़ते चलो, जो दिल कहे वो रहा चुनो,
पीछे बालों को आगे नहीं जाने दो, और जो आगे है उनसे भी आगे निकलो, तभी अच्छे ड्राइवर बनोगे।।

मुकद्दर में रात की नींद नहीं हो तो क्या,
मुकद्दर में रात की नींद नहीं हो तो क्या,
हम भी मुकद्दर को चूना लगा लेते हैं,
और दिन में ही सो जाते हैं।।

मैं तुम्हारे लिए सब कुछ करता मगर,
मैं तुम्हारे लिए सब कुछ करता मगर मुझे काम था,
मैं तुम्हारे लिए डूब के मरता मगर मुझे जुखाम था।

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