अगर सीखना है दिल से तो जलना नहीं मुस्कुराना सीखो,
अगर सीखना है सूरज से तो डूबना नहीं उठना सीखो,
अगर पहुंचना को शिखर पर तो राह पर चलना नहीं, राह का निर्माण खुद करना सीखो।।
अपनी जमीन अपना नया आसमान पैदा कर,
मांगने से जिंदगी कब मिलती दोस्तों,
खुद ही अपना नया इतिहास पैदा कर।।
अपने साए से भी अश्कों को छुपाकर रोना,
जब भी रोना तो चिरागों को बुझा कर रोना,
जहां चोट खाना वहां मुस्कुराना,
मगर इस अदा से के रोए सारा जमाना।।
ऐसा नहीं कि राह में हिम्मत नहीं रही,
पैरों को तेरे चलने की आदत नहीं रही,
कश्ती है तो किनारा नहीं है दूर,
अगर तेरे इरादों में बुलंदी बनी रही।।
कुछ करके दिखा दिया कि काम बहुत है,
इस जहां में जीतने वाले मुकाम बहुत हैं,
मुकम्मल शक्स वही जो दुनिया को बदल डालें,
रोज मर मिटने वाले नाम बहुत है।।
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