गुरुवार, 4 अक्टूबर 2018

तुम्हारी पसंद हमारी चाहत बन जाए, तुम्हारी मुस्कुराहट दिल की राहत बन जाए

लमहे जुदाई के बेकरार करते हैं,
हालात मेरे मुझे लाचार करते हैं,
आँखें मेरी पढ़ लो कभी,
हम खुद कैसे कहें कि आपसे प्यार करते हैं,

जबरदस्ती का रिश्ता निभाया नहीं जाता,
किसी को अपना बनाया नहीं जाता,
जो दिल के करीब होते हैं वही अपने होते हैं,
गैरों को सपने में बसाया नहीं जाता।।

दिल को छू गई उसकी सादगी,
उसको प्यार करने की लगन हमें लगी,
ना जी पाएंगे अब उसके बिना इसलिए,
उसको पाने की तमन्ना हमारे दिल में जगी।।

सिर्फ बंधन को विश्वास नहीं कहते,
हर आंसू को जज्बात नहीं कहते,
किस्मत से मिलते हैं रिश्ते जिंदगी में,
इसलिए रिश्तो को कभी इत्तेफाक नहीं कहते।।

तुम्हारी पसंद हमारी चाहत बन जाए,
तुम्हारी मुस्कुराहट दिल की राहत बन जाए,
खुदा खुशी से इतना खुश कर दे आपको,
की आपको खुश देखना हमारी आदत बन जाए।।

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