शुक्रवार, 5 अक्टूबर 2018

कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाने को, न्यूक्लियर पावर का जमाना है, बम से उड़ा दो साले को

इतना खूबसूरत कैसे मुस्कुरा लेते हो,
इतना कातिल कैसे शर्मा लेते हो,
कितनी आसानी से जान लेते हो,
किसी ने सिखाया है या बचपन से ही कमीने हो।।

ए मेरे कदरदान दोस्त मेरी जान,
तुम हमेशा रहोगे हटते कट्टे नौजवान,
क्योंकि खुदा मेहरबान तो गधा पहलवान।।

कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाने को,
कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाने को,
न्यूक्लियर पावर का जमाना है,
बम से उड़ा दो साले को।।

गम वो चीज है,...वाह वाह क्या दर्द है,
गम चीज है,.. जिससे वॉलपेपर चिपकाया जाता है।।

जब जब गिरे बादल तेरी याद आई,
जब झूम के बरसा सावन तेरी याद आई,
जब जब मैं भीगा तेरी याद आई,
अब रहा नहीं जाता अब तो छतरी लौटा दो भाई।।

पोस्ट पसंद आने पर कृपया पोस्ट को एक लाइक अवश्य दें। अपने दोस्तों के साथ शेयर करें हर रोज नई शायरी पढ़ने के लिए कृपया हमें फॉलो करें। पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कमेंट में अपनी राय अवश्य दें।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

6, 7, 8 और 9 तारीख से महासंयोग, इन 8 राशि के लोगों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी

1.मेष राशि, वृष राशि, कन्या राशि, कर्क राशि 6, 7, 8 और 9 तारीख से महासंयोग बन रहा है। जिसके कारण आपके जीवन में आपको अनेक प्रकार के बड़े बड़...