जरा परदे में रहकर बाहों में समा हो किसी गैर की,
कहीं कोई देख ना ले तुम्हें मेरी खुशियों का कत्ल करते हुए।।
इस दुनिया में अजनबी रहना ही ठीक है,
लोग बहुत तकलीफ देते हैं अक्सर अपना बनाकर।।
उसकी दर्द भरी आंखो ने जिस जगह कहा था अलविदा,
आज भी वही खड़ा है दिल उसके आने के इंतजार में।।
बेहद हदें पार की थी हमने कभी किसी के लिए,
आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना।।
इंसान सब कुछ भुला सकता है सिवाय उन पलों के,
जब उसे अपनों की जरूरत थी और वे साथ नहीं थे।।
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