मैंने ज़िंदगी से पुछा कि तू इतनी कठिन क्यों है?
ज़िंदगी ने हंसकर कहा, "दुनियां आसान चीज़ों की कद्र नहीं करती"।।
वक़्त बदलता है ज़िंदगी के साथ;
ज़िंदगी बदलती है वक़्त के साथ;
वक़्त नहीं बदलता है अपनों के साथ;
बस अपने बदल जाते हैं वक़्त के साथ।।
कोई नहीं होता हमेशा के लिए किसी का;
लिखा है साथ थोड़ा-थोड़ा सभी का;
मत बनाओ किसी को अपने जीने की वजह;
क्योंकि जीना है अकेले, यह असूल है ज़िंदगी का।।
हँसना ज़िंदगी है;
हँस कर गम भुलाना ज़िंदगी है;
जीत कर हँसे तो क्या हँसे;
हार कर ख़ुशियाँ मनाना ज़िंदगी है।।
मरता नहीं कोई किसी के बगैर ये हकीकत है जिंदगी की; लेकिन सिर्फ साँसें लेने को 'जीना' तो नहीं कहते।
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