अकेला सा महसूस करो जब तन्हाई में,
याद मेरी आए जब जुदाई में,
महसूस करना है तुम्हारे पास हूं मैं,
जब चाहे मुझे देख लेना अपनी परछाई में।।
अक्सर जब उनको याद करते हैं,
अपने रब से यही फरियाद करते हैं,
उमर हमारी भी लग जाए उनको क्योंकि,
हम उनको खुद से ज्यादा प्यार करते हैं।
अपनी कमी होने नहीं देना,
याद करे कोई तो आंख नम होने न देना,
तुम तो भुला ही दोगे हमको है ये हमें यक़ीन,
हम भुला दे तुमको बद्दुआ ना देना।।
आज भीगी है पलके किसी की याद में,
आकाश भी सिमट गया हे अपने आप में,
ओस की बूंदें ऐसी गिरी है जमीन पे,
मानो चांद भी रोया हो उनकी याद में।।
आज रोने को दिल करता है,
सब भूल जाने को दिल करता है,
ये दुनिया सताती है,
उसके नाम से, तभी तो अपना नामो निशां मिटाने को दिल करता है।।
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