ले मेले दोस्त तू अबी तक सो ल है!
देथ में तो उथ बी दया , बलछ बी तर लिए ओल तुझे मैसेज बी तल दिया , तल अब तू बी उठ्दा वलना टेली मम्मी मालेगी..दुद मोलनिंग ..
अच्छा है दिल के साथ रहे पासबान-ए-अक़्ल;
लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे।
आई है नयी सुबह वो रौशनी लेके ,
जैसे नए जोश की नयी किरण चमके ,
विश्वास की लौ दिल में सदा जलके रखना ,
देगी अन्धेरों में रास्ता दिया बनके ..
अच्छा है दिल के साथ रहे पासबान-ए-अक़्ल;
लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे।
आप न होते तो हम खो गए होते ,
अपनी ज़िन्दगी से रुस्वा हो गए होते ,
यह तो आप को गुड मॉर्निंग के कहने के लिए उठे हैं ,वरना हम तो अभी भी सो रहे होते .
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