बुधवार, 3 अक्टूबर 2018

उस जैसा मोती पूरे समुद्र में नहीं है, वह चीज मांग रहा हूं जो मुकद्दर में नहीं है

घर से बाहर कॉलेज जाने के लिए वो नकाब मे निकली,
सारी गली उसके पीछे निकली,
इंकार करते थे वह हमारी मोहब्बत से,
और हमारी ही तस्वीर उनकी किताब से निकली।।

उस जैसा मोती पूरे समुद्र में नहीं है,
वह चीज मांग रहा हूं जो मुकद्दर में नहीं है,
किस्मत का लिखा तो मिल जाएगा मेरे खुदा,
वो चीज अदा कर जो किस्मत में नहीं है।।

जादू है उसकी हर एक बात में,
याद बहुत आती है दिन और रात में,
कल जब देखा था मैंने सपना रात में,
तब भी उसका ही हाथ था मेरे हाथ में।।

कौन कहता है कि हम उसके बिना मर जायेंगे,
हम तो दरिया है समंदर में उतर जायेंगे,
वो तरस जायेंगे प्यार की एक बूंद के लिए,
हम तो बादल है प्यार के किसी और पर बरस जाएंगे।।

शायर तो हम हैं शायरी बना देंगे,
आपको शायरी में कैद कर लेंगे,
कभी सुनाओ हमें अपनी आवाज,
आपकी आवाज को हम गजल बना देंगे।।

दोस्तों शायरी पसंद आने पर कृपया पोस्ट को लाइक और अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। हर रोज नई शायरी पढ़ने के लिए हमें फॉलो करें। अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। धन्यवाद।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

6, 7, 8 और 9 तारीख से महासंयोग, इन 8 राशि के लोगों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी

1.मेष राशि, वृष राशि, कन्या राशि, कर्क राशि 6, 7, 8 और 9 तारीख से महासंयोग बन रहा है। जिसके कारण आपके जीवन में आपको अनेक प्रकार के बड़े बड़...