अँधेरी सड़क ,
सुनसान क़ब्रिस्तान ,
सुनी हवेली ,
काला आसमान ,
रात होगयी सोजा शैतान .
गुड नाईट !!!!
कितने खुशनसीब हैं हम जो हमें सपने लेने के लिए ये प्यारी सी रात मिली
यह चाँद , ये तारे मिले और सपनों की सौग़ात मिली .
इस प्यारी सी रात को यूँ ही जाग के ना गवाँ देना .
क्या पता सपने लेने के लिए ये रातें कितने जन्मो बाद मिलें....
चमकते चाँद को नींद आने लगी ,
आपकी ख़ुशी से दुनिया जगमगाने लगी ,
देख के आपको हर कली गुनगुनाने लगी ,
अब तो फेंकते फेकते मुझे भी नींद आने लगी …
चाँद का हो बेड,
तारों की हो रज़ाई ,
और फूलों का तकिया !!!
नाइस ना !!????
नाउ कम बैक टू अर्थ
एंड
स्लीप ओन योर "चारपाई "
गुड नाईट !!!
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