मेरा नाम बोल के सोया करो,
खिड़की खोल के तकिया मोड़कर सोया करो,
हम आएंगे तुम्हारे ख्यालों में इसलिए,
थोड़ी सी जगह छोड़ कर सोया करो।।
याद है तुम्हारी यादों में तुम हो,
एक ख्वाब है तुम्हारे ख्वाबों में तुम हो,
हम नहीं जानते हमें बस इतना बता दो,
हम जान है तुम्हारी इस जान मैं तुम हो।।
रात का अंधेरा कुछ कहना चाहता है,
यह दिल चांदनी के साथ रहना चाहता है,
हम तो तंहा ही खुश थे मगर,
पता नहीं क्यों यह दिल किसी के साथ रहना चाहता है।।
रात क्या हुई रोशनी को भूल गए,
चांद निकल आया सूरज का भूल गए,
माना कुछ देर हमने आप को याद नहीं किया,
तो क्या आप हमें याद करना भूल गए।।
रात है काफी ठंडी हवा चल रही है,
याद आपकी किसी की मुस्कान बन रही है,
सपनों की दुनिया में आप खो जाओ,
आंखें बंद करो और आराम से सो जाओ।।
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