आंखों की जुबान वह समझ नहीं पाते,
होंठ है मगर कुछ कह नहीं पाते,
अपनी बेबसी किस तरह कहे,
कोई है जिनके बिना हम रह नहीं पाते।।
आज हर एक पल खूबसूरत है,
दिलों में तेरी सिर्फ तेरी सूरत है,
कुछ भी कहे यह दुनिया गम नहीं,
दुनिया से ज्यादा हम को तेरी जरूरत है।।
इस कदर हम यार को मनाने निकले,
उसकी चाहत के हम दीवाने निकले,
जब भी उसे दिल का हाल बताना चाहा,
उसके होठों से वक्त ना होने के बहाने निकले।।
इससे पहले के दिलों में नफरत जागे,
आओ एक्जाम मोहब्बत में बिता दी जाए,
करके कुछ मोहब्बत की बातें,
इस शाम की मस्ती बढ़ा दी जाए।।
उनकी नजरों में छुपा आज भी एक राज था,
वही चेहरा वही लिवास था,
कैसे यारों उनको बेवफा दू,
आज भी उनके देखने का वही अंदाज था।।
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