उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको,
खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको,
हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं,
देने वाला हजार खुशियां दे आपको।।
मां....चाहिए.
बहन...चाहिए.
बहु...चाहिए.
तो फिर बेटी क्यों नहीं चाहिए???? बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ।।
सरकारी बस में मुसाफिर ही नहीं,
सरकारी स्कूल में शिक्षा नहीं,
सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं,
फिर भी आज के नौजवानों को नौकरी सरकारी चाहिए।।
सूरज निकल रहा है पूरब से,
दिन शुरू हुआ आपकी यादों से,
कहना चाहते हैं हम आपको दिल से,
आपका दिन अच्छा जाए हमारी गुड मॉर्निंग से...
आई है सुबह को रोशनी लेके,
जैसे नए जोश की नई किरण चमके,
विश्वास की लव सदा जला के रखना,
देगी अंधेरों में रास्ता चिराग बनके...
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