सोमवार, 1 अक्टूबर 2018

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको, खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको, हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं, देने वाला हजार खुशियां दे आपको

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको,
खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको,
हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं,
देने वाला हजार खुशियां दे आपको।।

मां....चाहिए.
बहन...चाहिए.
बहु...चाहिए.
तो फिर बेटी क्यों नहीं चाहिए???? बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ।।

सरकारी बस में मुसाफिर ही नहीं,
सरकारी स्कूल में शिक्षा नहीं,
सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं,
फिर भी आज के नौजवानों को नौकरी सरकारी चाहिए।।

सूरज निकल रहा है पूरब से,
दिन शुरू हुआ आपकी यादों से,
कहना चाहते हैं हम आपको दिल से,
आपका दिन अच्छा जाए हमारी गुड मॉर्निंग से...

आई है सुबह को रोशनी लेके,
जैसे नए जोश की नई किरण चमके,
विश्वास की लव सदा जला के रखना,
देगी अंधेरों में रास्ता चिराग बनके...

शायरी पसंद आने पर कृपया पोस्ट को लाइक और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। रोजाना नई शायरी पढ़ने के लिए हमें फॉलो करें। अपनी राय कमेंट बॉक्स में हमें जरूर लिखें। अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

6, 7, 8 और 9 तारीख से महासंयोग, इन 8 राशि के लोगों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी

1.मेष राशि, वृष राशि, कन्या राशि, कर्क राशि 6, 7, 8 और 9 तारीख से महासंयोग बन रहा है। जिसके कारण आपके जीवन में आपको अनेक प्रकार के बड़े बड़...