हमें कोई कहे बुरा तो भी हम जी लेते हैं,
हम दुआ देकर अपने होठों को सी लेते हैं,
हमारे दिल में दर्द हो चाहे कितना भी,
जहर का यह प्याला चुपके से पी लेते हैं।।
हर एक मुस्कुराहट मुस्कान नहीं होती,
नफरत हो या मोहब्बत आसान नहीं होती,
आंसू ख़ुशी के गम के होते हैं एक जैसे,
इन आंसुओं की कोई पहचान नहीं होती।।
हर ख्वाब को हम बुनते गए,
बोलते बोलते फलक में पहुंच गए,
टूटे जो ख्वाब मेरे तो इस कदर जमीन पर आ गिरे,
कि फिर उठने का होश खो गए।।
एक पल भी चैन न आए तो क्या करूं,
हर पल तेरी याद सताए तो क्या करूं,
कहते हैं कि कांटों पर भी नींद आ जाती है,
मेरे अश्क मुझे रात भर रूलाए तो मैं क्या करूं।।
कल गुजरे हुए लम्हे से मुलाकात हो गई,
कुछ टूटे हुए सपनों से बात हो गई,
याद आ गए फिर से कुछ पुराने किस्से,
और आंखों में बे मौसम बरसात हो गई।।
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