गुरुवार, 4 अक्टूबर 2018

सादगी किसी सिंगार से कम नहीं होती, चिंगारी किसी अंगार से कम नहीं होती

रिश्ता तो ऊपर वाले की दुनिया में बनता है,
बस हम निभाना जानते हैं,
खुदा से दुआ करते हैं कि आपकी दोस्ती पाना चाहते हैं।।

ए खुदा आज यह फैसला कर दे,
उसे मेरा या मुझे उसका कर दे,
बहुत दुख सहे है मैंने,
कोई खुशी अब तो मुकद्दर कर दे।।

बहुत मुश्किल लगता है उससे दूर रहना,
जुदाई के सफर को कम कर दे,
जितना दूर चले गए हैं वो मुझसे,
उसे उतना करीब कर दे,
नहीं लिखा अगर नसीब में उसका नाम,
तो खत्म करिए जिंदगी और मुझे फना कर दे।।

ए चांद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना,
तारों की महफिल रंग रोशनी करना,
छुपा लेना अंधेरे को,
हर रात के बाद एक खूबसूरत सवेरा देना।।

सादगी किसी सिंगार से कम नहीं होती,
चिंगारी किसी अंगार से कम नहीं होती,
यह तो अपनी अपनी सोच का फर्क है वरना,
दोस्ती किसी प्यार से कम नहीं होती।।

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