रिश्ता तो ऊपर वाले की दुनिया में बनता है,
बस हम निभाना जानते हैं,
खुदा से दुआ करते हैं कि आपकी दोस्ती पाना चाहते हैं।।
ए खुदा आज यह फैसला कर दे,
उसे मेरा या मुझे उसका कर दे,
बहुत दुख सहे है मैंने,
कोई खुशी अब तो मुकद्दर कर दे।।
बहुत मुश्किल लगता है उससे दूर रहना,
जुदाई के सफर को कम कर दे,
जितना दूर चले गए हैं वो मुझसे,
उसे उतना करीब कर दे,
नहीं लिखा अगर नसीब में उसका नाम,
तो खत्म करिए जिंदगी और मुझे फना कर दे।।
ए चांद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना,
तारों की महफिल रंग रोशनी करना,
छुपा लेना अंधेरे को,
हर रात के बाद एक खूबसूरत सवेरा देना।।
सादगी किसी सिंगार से कम नहीं होती,
चिंगारी किसी अंगार से कम नहीं होती,
यह तो अपनी अपनी सोच का फर्क है वरना,
दोस्ती किसी प्यार से कम नहीं होती।।
पोस्ट पसंद आने पर कृपया अपने दोस्तों के साथ शेयर करें पोस्ट को लाइक जरूर करें। हर रोज नई शायरी पढ़ने के लिए कृपया हमें फॉलो करें। कमेंट में अपनी राय जरूर दें। धन्यवाद।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें