सोमवार, 1 अक्टूबर 2018

खुदा को खुदा कहा और खुद ही खुदा हो गए, रिश्तो की कशमकश में खुद से जुदा हो गए

बनाने वाले ने भी तुझे किस कारण से बनाया होगा,
छोड़ा होगा जब जमीन पर तुझे उसके सीने में भी दर्द आया होगा।।

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको, हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं,
देने वाला हजार खुशियां दे आपको।।

हर पल में खुशी देती है मां ,अपनी जिंदगी से जीवन देती है मां, भगवान क्या है मां की पूजा करो जनाब, क्योंकि भगवान को भी जन्म देती है मां।।

खुदा को खुदा कहा और खुद ही खुदा हो गए,
रिश्तो की कशमकश में खुद से जुदा हो गए,
बांचते रहे तमाम उम्र आईने में अपनी सूरत,
तनहा रहे जिंदगी में और भीड़ में भी खो गए।।

पलकों को कभी हमने भी खोया ही नहीं,
वह सोचते हैं कि हम कभी रोए ही नहीं,
वो पूछते हैं ख्वाबों में किसे देखते हो,
और हम हैं कि उनकी यादों में सोए ही नहीं।।

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